दिल्ली-अगस्ता मामले के आरोपी राजीव सक्सेना को कोर्ट से जमानत मिल गई है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने राजीव सक्सेना को 22 फरवरी तक की अंतरिम जमानत दे दी गई है। राजीव सक्सेना 3600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हैं।
प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि सक्सेना ने खैतान के साथ साठगांठ कर अगस्ता वेस्टलैंड के पक्ष में 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों के करार को प्रभावित किया। इसके लिए राजीव ने विभिन्न राजनीतिज्ञों, नौकरशाहों और वायुसेना अधिकारियों को अवैध धन के शोधन के लिए वैश्विक कारपोरेट ढांचा प्रदान किया। प्रवर्तन निदेशालय ने जो आरोपपत्र दाखिल किया है उसमें सक्सेना भी आरोपित किए गए लोगों में शामिल हैं।
बता दें कि राजीव सक्सेना और दीपक तलवार दोनों को दुबई के पुलिस अधिकारियों ने पकड़ा था। दिल्ली लाने के बाद से ही दोनों आरोपी ईडी की कस्टडी में थे। वहीं राजीव सक्सेना की वकील गीता लुथरा ने कहा था कि जिस तरीके से सक्सेना को भारत लाया गया वो गैरकानूनी है। क्योंकि यह तरीका ही गैर-कानूनी है तो रिमांड का अनुरोध स्वचालित रूप से गलत हो जाता है।
तलवार की वापसी भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने विमानन क्षेत्र में यूपीए के तहत विवादास्पद सौदों में अहम रोल निभाया है। उदाहरण के तौर पर विदेशी एयरलाइंस के लिए मंजूरी और इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एरोसिटी परियोजना का विकास। एयरपोर्ट पर ड्यूटी-फ्री दुकानों को मिले पुरस्कारों को भी सौदों के हिस्से के रूप में देखा गया था।
प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि सक्सेना ने खैतान के साथ साठगांठ कर अगस्ता वेस्टलैंड के पक्ष में 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों के करार को प्रभावित किया। इसके लिए राजीव ने विभिन्न राजनीतिज्ञों, नौकरशाहों और वायुसेना अधिकारियों को अवैध धन के शोधन के लिए वैश्विक कारपोरेट ढांचा प्रदान किया। प्रवर्तन निदेशालय ने जो आरोपपत्र दाखिल किया है उसमें सक्सेना भी आरोपित किए गए लोगों में शामिल हैं।
बता दें कि राजीव सक्सेना और दीपक तलवार दोनों को दुबई के पुलिस अधिकारियों ने पकड़ा था। दिल्ली लाने के बाद से ही दोनों आरोपी ईडी की कस्टडी में थे। वहीं राजीव सक्सेना की वकील गीता लुथरा ने कहा था कि जिस तरीके से सक्सेना को भारत लाया गया वो गैरकानूनी है। क्योंकि यह तरीका ही गैर-कानूनी है तो रिमांड का अनुरोध स्वचालित रूप से गलत हो जाता है।
तलवार की वापसी भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने विमानन क्षेत्र में यूपीए के तहत विवादास्पद सौदों में अहम रोल निभाया है। उदाहरण के तौर पर विदेशी एयरलाइंस के लिए मंजूरी और इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एरोसिटी परियोजना का विकास। एयरपोर्ट पर ड्यूटी-फ्री दुकानों को मिले पुरस्कारों को भी सौदों के हिस्से के रूप में देखा गया था।

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