प्रयागराज-वसंत पंचमी के तीसरे और आखिरी शाही स्नान के बाद सोमवार को द्वारिका-शारदा, ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए रामाग्रह यात्रा निकालने का एलान किया। रामाग्रह यात्रा के तहत वह राम मंदिर के शिलान्यास के लिए 17 फरवरी को प्रयागराज से अयोध्या के लिए संतों-भक्तों के साथ कूच करेंगे। 21 फरवरी को शुभ मुहूर्त में जन्मभूमि पर श्रीराम यंत्र की स्थापना और इष्टिका न्यास होगा।
रामाग्रह यात्रा के संयोजकों के नाम भी तय किए गए। शंकराचार्य ने कहा कि हाईकोर्ट ने रामलला जिस जगह विराजमान हैं, उसको राम जन्मभूमि माना है। जबतक इसके विपरीत कोर्ट का कोई फैसला नहीं आता, तबतक वहां जाना न्यायालय के आदेश की अवज्ञा नहीं माना जा सकती।
मनकामेश्वर मंदिर स्थित सरस्वती घाट पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने राम मंदिर के लिए रामाग्रह यात्रा निकालने की घोषणा दोपहर बाद तीन बजे की। उन्होंने बताया कि वह 21 फरवरी को जन्मभूमि स्थान पर ही शिलान्यास करेंगे।
इसके लिए 17 फरवरी को दोपहर एक बजे प्रयागराज से रामाग्रह यात्रा के रुप में वह अयोध्या के लिए करेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार पहले दिन यात्रा प्रतापगढ़ में प्रवास करेगी। और 18 को सुल्तानपुर में यात्रा प्रवास करेगी।
रामाग्रह यात्रा के संयोजकों के नाम भी तय किए गए। शंकराचार्य ने कहा कि हाईकोर्ट ने रामलला जिस जगह विराजमान हैं, उसको राम जन्मभूमि माना है। जबतक इसके विपरीत कोर्ट का कोई फैसला नहीं आता, तबतक वहां जाना न्यायालय के आदेश की अवज्ञा नहीं माना जा सकती।
मनकामेश्वर मंदिर स्थित सरस्वती घाट पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने राम मंदिर के लिए रामाग्रह यात्रा निकालने की घोषणा दोपहर बाद तीन बजे की। उन्होंने बताया कि वह 21 फरवरी को जन्मभूमि स्थान पर ही शिलान्यास करेंगे।
इसके लिए 17 फरवरी को दोपहर एक बजे प्रयागराज से रामाग्रह यात्रा के रुप में वह अयोध्या के लिए करेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार पहले दिन यात्रा प्रतापगढ़ में प्रवास करेगी। और 18 को सुल्तानपुर में यात्रा प्रवास करेगी।

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