समाज को नई दिशा देने के लिए मुकाम फाउण्डेशन सशक्त दिव्यांगजनों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए संस्था के कार्यालय पर बैठक संपन्न
लखनऊ। राजधानी के गोमतीनगर स्थित कार्यालय पर आज मुकाम फाउण्डेशन नामक संस्था की प्रथम बैठक आहूत की गई। बैठक का संचालन संस्था के अध्यक्ष विनीत कुमार द्वारा किया गया। संस्था के अध्यक्ष कुमार ने बताया कि संस्था का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में रहने वाले उन गरीब, कमजोर, निरीह, आशक्त पुरूषों, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों को आर्थिक, शैक्षिक, सामाजिक, चारित्रिक, बौद्धिक, मानसिक विकास करना है। जिससे ये आत्मनिर्भर बनकर स्वयं की जीविकोपार्जन की व्यवस्था के लिए सशक्त हो सके। इसके अतिरिक्त संस्था दिव्यांगजनों को आर्थिक, शैक्षिक, सामाजिक स्तर पर सुदृढ़ कर स्वालम्बी बनाने की दिशा में संस्था कार्य कर रही है। वही संस्था के उपाध्यक्ष रंजीश शर्मा ने कहाकि संस्था निर्धन बच्चों के शैक्षिक स्तर में शैक्षिक प्रबंधन करके सुधार लाने की दिशा में प्रयत्नशील है। संस्था समाज के मेधावी एवं निर्धन छात्रों का शैक्षिक स्तर उठाने के लिए नि:शुल्क शैक्षिक सामग्रिया उपलब्ध कराने की दिशा में कार्यशील है। संस्था की जनरल बाडी की स्टेट इकाई के अध्यक्ष महेश साहू ने बताया कि संस्था सरकारी, गैर सरकारी अस्पतालों, स्कूलों, अनाथालयों, छात्रावासों, वृद्धाश्रमों की दयनीय स्थिति देखते हुए शासन की मंशा के अनुरूप और आवाम को बेहतर और नि:शुल्क चिकित्सा व्यवस्था, शैक्षिक व्यवस्था के लिए अस्पतालों और स्कूलों की स्थापना करने की दिशा में प्रयत्नशील है। साथ ही संस्था वृद्धजनों और अनाथ बच्चों के लिए वृद्धाश्रम और अनाथालय की स्थापना करने के लिए प्रयत्नशील है। मूक बधिरों, दिव्यांगों, विधवाओं, निराश्रितों को न केवल आश्रय देने की दिशा में संस्था प्रयास कर रही है बल्कि उन्हें शिक्षा और रोजगार मुहैया कर सशक्त बनाने की दिशा में भी क्रियाशील है। संस्था की प्रबंध कार्यकारिणी की प्रबंधक शशिप्रभा शर्मा ने बताया कि संस्था समय-समय पर उत्तर प्रदेश की आवाम को गंभीर बीमारियों, जैसे एचआईवी, पोलियो, टी.बी., मलेरिया, मधुमेह आदि की पहचान कराने के लिए जागरूकता शिविरों, स्वास्थ्य शिविरों को लगाने की दिशा में क्रियाशील है। समय-समय पर विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों, गोष्ठियों, सम्मेलनों आदि के माध्यम से न केवल बालक, बालिकाओं, महिलाओं, पुरूषों का सामाजिक, नैतिक, चारित्रिक, बौद्धिक, मानसिक विकास के लिए प्रयत्नशील है बल्कि इन्हें रोजगार की दिशा में मार्ग दर्शन और अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान करके स्वालम्बी बनाने की दिशा में प्रयासरत है। समाज के सभी वर्गो के सहयोग से संस्था गरीब कन्याओं का विवाह कराने के लिए प्रयासरत है। संस्था अनुसूचित जातियों-जन जातियों, अल्पसंख्यकों, दलितों, पिछड़ों एवं शोषितों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, स्वालम्बी बनाने के साथ-साथ समाज की मुख्यधारा से जोडऩे की दिशा में क्रियाशील है। संस्था की कोषाध्यक्ष विष्णुमाया ने बताया कि आज की बैठक का मुख्य उद्देश्य संस्था के नये सदस्यों का मनोनयन करना और बैठक में वर्ष 2018—2018 का दिव्यांगजनों के विकास और उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रपोजल तैयार करना था। इस बैठक में प्रबंध कार्यकारिणी की सर्वसम्मति से जनपद लखनऊ, जनपद श्रावस्ती, जनपद बहराइच की जिलाकार्यकारिणी के सदस्यों का मनोनयन किया गया। साथ ही उपरोक्त जनपदों में दिव्यांगजनों की यथास्थिति का सर्वे कराकर उनकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करना है। संस्था की प्रबंध कार्यकारिणी की सदस्य सविता ने बताया कि सभी पदाधिकारियों और सदस्यों के सर्वसम्मति से यह निर्धारित किया गया है कि वर्ष 2018—2019 में दिव्यांग उत्थान सहभागिता के नाम से एक कार्यक्रम का प्रपोजल तैयार किया जाये और उसके लिए बजट की व्यवस्था कर दिव्यांगजनों को टाई साईकिल, व्हीलचेयर,बैशाखी, कान की मशीन, वाकर, जूते आदि की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करायी जाये। कार्यक्रम में व्यय होने वाले खर्च आदि की भी इस कार्यक्रम में विचार—विमर्श किया गया और व्यवस्था करने के लिए सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को दिशा निर्देश दिया गया। इस बैठक में मुख्य रूप से संस्था के पदाधिकारीगण चन्द्रप्रकाश श्रीवास्तव, सुनील कुमार कुशवाहा, जनपद बहराइच की जिला कार्यकारिणी के सदस्य मो. इरशाद, मो. इसरार, संतराम कश्यप, जनपद श्रावस्ती की जिला कार्यकारिणी के सदस्य मो. अहमद रजा सिद्दीकी, मिथलेश कुमार, अजय प्रताप सिंह, जनपद लखनऊ की जिलाकार्यकारिणी के सदस्य
राजेन्द्र प्रताप सिंह सहित कई अन्य पदाधिकारीगण और सदस्यगण उपस्थित रहे।
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