लखनऊ - शिक्षित समाज के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता किसी भी क़ौम की तामीर व तरक्की मे महिलाओं की अहम भूमिका होती है यह विचार आज राजधानी लखनऊ के लालबाग मे, "तकनीकी शिक्षा विकास एवं जनकल्याण संस्थान" के तत्वावधान मे "नई रौशनी" कार्यक्रम मे बतौर मुख्य अतिथि आई0 एच0 फारूकी हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील व पूर्व असिस्टेंट सॉलिसीटर जनरल, भारत सरकार ने रखे ।
मालूम
हो कि केंद्र सरकार की ओर से अल्पसंख्यक महिलाओं
की लीडरशिप को बढावा देने के लिए नई रौशनी स्कीम चलायी जा रही है, इसमे अल्पसंख्यक महिलाओं के सामाजिक व राजनैतिक क्षेत्र मे
कैसे आगे बढ़े इस विषय पर 6 दिवसीय प्रशिक्षण के साथ साथ रु 600.00 प्रति लाभार्थी को स्कॉलरशिप भी प्रदान किया गया है ।
कार्यक्रम में डॉ0 आलमीन अली पूर्व सचिव उ0 प्र0 अल्पसंख्यक आयोग ने
अल्पसंख्यक समुदाय विशेषकर मुस्लिम लड़कियों में नेतृत्व विकास प्रशिक्षण 'नई रोशनी' पर प्रकाश डालते हुए मुस्लिम लड़कियों की शिक्षा पर जोर
दिया। जब तक मुस्लिम लड़कियों को उच्च
शिक्षित नहीं किया जायेगा तब तक उनमें सही नेतृत्व का विकास नहीं हो सकता उन्होंने
इस बात पर जोर दिया कि शिक्षित और शिक्षा दोनों दो अलग अलग चीजे हैं आज मुस्लिम
लड़कियों को शिक्षित तो कर दिया जाता है परन्तु उन्हें वास्तविक शिक्षा नहीं दी
जाती। आज इस बात की आवश्यकता है कि
मुस्लिम लड़कियां भी आईएएस/पीसीएस/आईपीएस जैसी प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवाओं में
आएं।
इस कार्यक्रम में शफ़ाअत हुसैन निदेशक उ0 प्र0 वफ्क विकास निगम ने विस्तार से अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए
केंद्र सरकार की तरफ से चलायी जा रही योजनाओ की जानकारी दी और राजनैतिक व सामाजिक
क्षेत्र मे कैसे आगे बढे इसके गुर दिये, उन्होंने ये भी बताया कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े जिले में मुस्लिम
महिलायें राजनीति में 01 प्रतिशत भी नहीं हैं इसको बढ़ाने की
अति आवश्यकता है । उन्होने प्रशिक्षण ले
रही अल्पसंख्यक महिलाओं के सवालो का जवाब भी दिया ।
अंत में संस्थान के निदेशक मोहम्मद
अनीस ने कहा कि महिलाओं का शिक्षित होना व
सामाजिक व राजनैतिक क्षेत्र मे कदम रखना जरूरी है, जिससे वो घर परिवार व समाज को सही दिशा दे सके इस अवसर पर संस्था के
कर्मचारीगण मोहम्मद इरशाद अली, खुशनूर खान, प्रतिभा अवस्थी, रीतिका बल्लानी,
सौरभ द्विवेदी¸ सुशील तिवारी व अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।

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