लखनऊ एस एस पी कलानिधी नैथानी के द्वारा ड्रोन कैमरे व् बॉडी कैमरों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
लखनऊ- राजधानी में दसवीं मुहर्रम पर यौमे-आशूरा का जुलूस कड़ी सुरक्षा के बीच निकाला गया। इस दौरान या हुसैन... या हुसैन की सदाओं से शहर गूंजता रहा।
जुलूस में बड़ों के साथ बच्चे भी शामिल हुए।इस दौरान हर अजादार मातम-ए-हुसैनी का सोगवार था। शहर के निशातगंज में मोहर्रम देखने के काफी भीड़ थी।
मुहर्रम इस्लामिक धर्म में नए साल की शुरुआत माना जाता है।
मुहर्रम इस्लामिक नए साल की शुरुआत माना जाता है। लेकिन इस नए साल को मुसलमान खुशी नहीं बल्कि दुख के साथ मनाते हैं। इस दिन कर्बला की लड़ाई में हजरत मुहम्मद के कई रिश्तेदार मारे गए थे। इसलिए दुनियाभर के शिया मुसलमान इस दिन उनकी मौत का गम मनाते हैं।
मुहर्रम के दिन जुलूस निकाला जाता है। लखनऊ में यह बड़े पैमाने पर होता है। मुहर्रम के दिन लखनऊ सड़कों पर मुहर्रम मनाने वालों का सैलाब उमड़ पड़ता है।
जगह-जगह भारी पुलिस फोर्स तैनात थी , ताकि किसी भी तरह का कोई तनाव न पैदा हो।
लखनऊ- राजधानी में दसवीं मुहर्रम पर यौमे-आशूरा का जुलूस कड़ी सुरक्षा के बीच निकाला गया। इस दौरान या हुसैन... या हुसैन की सदाओं से शहर गूंजता रहा।
जुलूस में बड़ों के साथ बच्चे भी शामिल हुए।इस दौरान हर अजादार मातम-ए-हुसैनी का सोगवार था। शहर के निशातगंज में मोहर्रम देखने के काफी भीड़ थी।
मुहर्रम इस्लामिक धर्म में नए साल की शुरुआत माना जाता है।
मुहर्रम इस्लामिक नए साल की शुरुआत माना जाता है। लेकिन इस नए साल को मुसलमान खुशी नहीं बल्कि दुख के साथ मनाते हैं। इस दिन कर्बला की लड़ाई में हजरत मुहम्मद के कई रिश्तेदार मारे गए थे। इसलिए दुनियाभर के शिया मुसलमान इस दिन उनकी मौत का गम मनाते हैं।
मुहर्रम के दिन जुलूस निकाला जाता है। लखनऊ में यह बड़े पैमाने पर होता है। मुहर्रम के दिन लखनऊ सड़कों पर मुहर्रम मनाने वालों का सैलाब उमड़ पड़ता है।

Comments
Post a Comment