लखनऊ- कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पेंशन बहाली मंच द्वारा प्रदेश में तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार के बाद पुरानी पेंशन बहाली योजना के तह्त राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली में होने वाले बड़े आन्दोलन की तैयारी के लिए मंच के नेताओं को देश के हर प्रान्त से व्यापक समर्थन मिला है।मंच द्वारा पुरानी पेंशन बचाओं अभियान के तह्त 8 अक्टूबर को इको गार्डन से विधानसभा कूच करने वाली इस महारैली में उत्तराखण्ड, तेलागाना, तामिलनाडू से लेकर मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों के कर्मचारी शामिल होने के कारण इस रैली में राज्य कर्मचारियों का सैलाब दिखेगा। यह भीड़ लाखों में दर्ज की जाएगी और इसे राजकमिकों आन्दोलन की ऐतिहासिक महारैली कहा जाएगा। यह जानकारी आज मंच के संयोजक इं. हरिकिशोर तिवारी और अध्यक्ष डा.दिनेश शर्मा ने दी।
पेंशन बहाली मंच के मीडिया प्रभारी मनेाज श्रीवास्तव ने बताया कि पुरानी पेंशन बहाली के तहत भारत के सभी राज्यों में पेंशन जन जागरण मंच के नताओं ने असम (मेघालय) इ. एम.एम.राजबोन्सी, शिव शंकर सिंह,राजीव श्रीवास्तव, सुनील यादव, आन्ध्र प्रदेश (हैदराबाद) ,,इं.जी.पी.राव,.शिव शंकर दूबे और हरि किशोर तिवारी, तमिलनाडु/तेलांगाना (चेन्नई),हिमांचल प्रदेश (शिमला) इं.रविन्द्र शर्मा ,इं.भूपेन्द्र सिंह सोमल., के.एल.निझावन.,पी.के. मिश्रा, दिवाकर राय,, हिमांचल प्रदेश (शिमला) इं.रविन्द्र शर्मा ,इं.भूपेन्द्र सिंह सोमल., के.एल.निझावन.,पी.के. मिश्रा, दिवाकर राय, जबकि इन्द्रसेन रेड्डी,,कनार्टक (बेगलौर), बी.पीताम्बर स्वामी, बिहार (पटना), 18 डी.के. तिवारी, रवि शंकर सिन्हा, विष्णु प्रसाद तिवारी और एस.पी. मिश्रा, जी.एन. सिंह दौरा कर चुके है। इसी तरह झारखण्ड (रांची), महेश कुमार सिंह,अरूणोदय कुमार,, गुजरात (अहमदाबाद) , आर.एच.पटेल , आर.पी. पचैरी,ओ.पी. राय,सुधीर पॅवार, राजस्थान (जयपुर)ष् उड़ीसा (भुवनेश्वर) चेतन भारती, एस.पी. श्रीवास्तव, एस.पी. गुप्ता,, छत्त्तीसगढ़ (रायपुर इं.के.आर. रिचारिया, पंजाब (चण्डीगढ़) और हरियाणा (रोहतक) नागालैण्ड (गौहाटी) महाराष्ट्र (मुम्बई) विनोद देसाइ, लक्ष्मण ताम्बे (पुणे), आर.एम.जकतदार, रामराज दूबे, शिवबरन सिंह यादव,वी.के. कुशवाहा जबकि ,मध्य प्रदेश (भोपाल), ए.पी. रावत,राजेन्द्र सिंह भदौरिया, सुरेश द्विवेदी,श्री कैलासिया के दौरे के बाद पुरानी पेंशन बहाली को लेकर जो तस्वीर सामने आई है वह इस बाॅत का संकेत है कि नई पेंशन के खिलाफ पूरे देश के राज्य एवं केन्द्रीय कर्मचारियो में आक्रोष है। इसकी पहली झलक आठ अक्टूबर को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और इसके उपरान्त दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय रैली पर दिखाई पड़ेगा।


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