बलरामपुर- 31 जुलाई उत्तर प्रदेश में बलरामपुर जिले के राज परिवार के मुखिया राजा धर्मेन्द्र प्रसाद सिंह की अंतिम शव यात्रा आज नील बाग से निकल कर समूचे नगर में भ्रमण करते हुये राप्ती के तट पर स्थित राजघाट पर पहुंची lघाट पर उनकी अंत्येष्टि वैदिक रीतिरिवाज से सम्पन्न की गयी l शवयात्रा के गमगीन महौल में बलरामपुर व आसपास के क्षेत्रो से शामिल होने आये हजारों दर्शनार्थियों के अश्रु बहते नजर आये l इस मौके पर मौजूद श्रावस्ती के भाजपा सांसद दददन मिश्र ने बताया कि राजा धर्मेन्द्र का पार्थिव शरीर फूलों से सुसज्जित भव्य स्वर्ग रथ पर रखकर नीलबाग से निकालकर नगर भ्रमण के बाद सिटी पैलेस पहुंची l सिटी पैलेस में भींगी पलकों से उनके अंतिम दर्शन के लिये लोगों का तांता लगा रहा l तत्पश्चात पार्थिव शरीर राजघाट ले जाया गया l और राजघाट पर राज परिवार के पूर्वजों की अंत्येष्टि स्थल के समीप उनका अंतिम संस्कार किया गया l राजा के देहावसान के बाद बलरामपुर के सभी वर्गो के परिवारों में शोक की लहर दौड़ पड़ी इसकी बानगी के तौर पर बलरामपुर के बाजार और अधिकांश विद्यालय बंद रहे l राजा के पार्थिव शरीर के दर्शन करने वालों की भारी भीड़ को देखते हुये पुलिस व प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये थे l गौर तलब है कि राजा धर्मेन्द्र की बलरामपुर के वाशिंदों के लिये शिक्षा , स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा में अत्यधिक भागीदारी बनी रहने के कारण लोगों में उनकी लोकप्रियता अतुलनीय रही l इसी वजह से राजा के देहांत पर प्रत्येक व्यक्ति शोक में डूबकर रो पड़ा l गौर तलब है कि रविवार को लखनऊ में राजा धर्मेन्द्र की अचानक तबियत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया था l
बलरामपुर- 31 जुलाई उत्तर प्रदेश में बलरामपुर जिले के राज परिवार के मुखिया राजा धर्मेन्द्र प्रसाद सिंह की अंतिम शव यात्रा आज नील बाग से निकल कर समूचे नगर में भ्रमण करते हुये राप्ती के तट पर स्थित राजघाट पर पहुंची lघाट पर उनकी अंत्येष्टि वैदिक रीतिरिवाज से सम्पन्न की गयी l शवयात्रा के गमगीन महौल में बलरामपुर व आसपास के क्षेत्रो से शामिल होने आये हजारों दर्शनार्थियों के अश्रु बहते नजर आये l इस मौके पर मौजूद श्रावस्ती के भाजपा सांसद दददन मिश्र ने बताया कि राजा धर्मेन्द्र का पार्थिव शरीर फूलों से सुसज्जित भव्य स्वर्ग रथ पर रखकर नीलबाग से निकालकर नगर भ्रमण के बाद सिटी पैलेस पहुंची l सिटी पैलेस में भींगी पलकों से उनके अंतिम दर्शन के लिये लोगों का तांता लगा रहा l तत्पश्चात पार्थिव शरीर राजघाट ले जाया गया l और राजघाट पर राज परिवार के पूर्वजों की अंत्येष्टि स्थल के समीप उनका अंतिम संस्कार किया गया l राजा के देहावसान के बाद बलरामपुर के सभी वर्गो के परिवारों में शोक की लहर दौड़ पड़ी इसकी बानगी के तौर पर बलरामपुर के बाजार और अधिकांश विद्यालय बंद रहे l राजा के पार्थिव शरीर के दर्शन करने वालों की भारी भीड़ को देखते हुये पुलिस व प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये थे l गौर तलब है कि राजा धर्मेन्द्र की बलरामपुर के वाशिंदों के लिये शिक्षा , स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा में अत्यधिक भागीदारी बनी रहने के कारण लोगों में उनकी लोकप्रियता अतुलनीय रही l इसी वजह से राजा के देहांत पर प्रत्येक व्यक्ति शोक में डूबकर रो पड़ा l गौर तलब है कि रविवार को लखनऊ में राजा धर्मेन्द्र की अचानक तबियत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया था l
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