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शिक्षकों का अकारण वेतन रोक कर उनका उम्पीड़न बन्द करो - शिक्षक संघ


लखनऊ : 28 जुलाई, 2018 - भारी बारिस के बावजूद प्रदेशव्यापी संघर्ष अभियान के अन्तर्गत  ̏पुरानी पेन्शन-बहाल करो, वित्तविहीन शिक्षकों को वेतनमान अनुमन्य करो, निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान करो, फर्जी विद्यालयों पर कार्यवाही करो, नकल/शिक्षा माफियाओं से सांठ-गांठ बन्द करो, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का भ्रष्टाचार बन्द करो, मासिक वेतन भुगतान में घूसखोरी बन्द करो, शिक्षकों का अकारण वेतन रोक कर उनका उम्पीड़न बन्द करो आदि के जोरदार नारे के साथ आज जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर सैकड़ों शिक्षकों ने प्रदेशीय मंत्री डा0 आर0पी0 मिश्र एवं जिलाध्यक्ष अनुराग मिश्र के नेतृत्व मे धरना/प्रदर्शन किया गया और 02 बजे के पश्चात प्रदेश स्तरीय एवं जनपद स्तरीय 30 सूत्रीय ज्ञापन संयुक्त शिक्षा निदेशक श्री सुरेन्द्र कुमार तिवारी के माध्यम से मा0 मुख्यमंत्री को एवं जिला विद्यालय निरीक्षक के प्रतिनिधि के रूप में सह-जिला विद्यालय निरीक्षक विमलेश कुमार के माध्यम से मा0 उप-मुख्यमंत्री डा0 दिनेश शर्मा को प्रेषित करने के लिए सौंपे गए इसी साथ जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय नन्द कुमार को भी ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन प्राप्त करने के प्श्चात संयुक्त शिक्षा निदेशक ने मा0 मुख्यमंत्री एवं मा0 उप-मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किए जाने तथा जनपद स्तरीय समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण कराये जाने के लिए आश्वत किया और कहा कि उनका प्रयास होगा कि लखनऊ के शिक्षकों की समस्याओं के लिए दुबारा संघर्ष करना पड़े।
                  संगठन के प्रदेशीय मंत्री एवं जिला संरक्षक डा0 आर0पी0 मिश्र, जिलाध्यक्ष अनुराग मिश्र एवं जिलामंत्री डा0 आर0के0 त्रिवेदी ने बताया कि प्रदेशीय नेतृत्व के आवाहन पर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर आयोजित धरने के अवसर पर मा0 मुख्यमत्री एवं मा0 उप-मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में प्रदेश स्तरीय मांगों में- वित्तविहीन शिक्षकों के सम्बन्ध में समान कार्य-समान वेतन एवं समान शेवा शर्तें तथा अन्तरिम रूप से न्यूनतम रु0 25000/- प्रतिमाह वेतन अनुमन्य हो, 01 अप्रैल, 2005 के पश्चात नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेन्शन अनुमन्य हो, शिक्षकों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए, वर्ष 2016 के पूर्व सेवानिवृत्त शिक्षकों को पांचवे एवं छठे उच्चीकृत वेतनमान का लाभ प्रदान करते हुए सातवे वेतनमान में पेन्शन का पुनर्निधारण किया जाए, व्यवसायिक अनुदेशकों एवं कम्प्यूटर शिक्षकों को पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा प्रदान कर अनुमन्य वेतनमान लागू किए जाएं, मा0 न्यायालय आदेशों के अधीन कार्यरत सभी तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण किया जाय सम्मिलित हैं।
              शिक्षक नेताओं ने बताया कि जनपद स्तरीय मांगों में नकल/शिक्षा माफियाओं से सांठ-गांठ समाप्त कर जिला संगठन द्वारा सौंपी गई 185 फर्जी विद्यालयों तथा अमान्य विद्यालयों का पंजीकरण करने वाले मान्यताप्राप्त विद्यालयां पर जिलाधिकारी के निर्देशानुसार कार्यवाही, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश, मासिक वेतन भुगतान में घूसखोरी की समाप्ति, जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा अधिनियमों का उल्लंघन कर मनमाने तरीकें से वेतन रोक कर शिक्षकों के उत्पीड़न पर रोक, शिक्षाधिकारियां द्वारा उत्पीड़नकर्ता प्रबन्धकों के संरक्षण की समाप्ति, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं लेखा लिपिक के विरुद्ध घूसखोरी की जिला संगठन की शिकायत पर जांच एवं कार्यवाही, सम्बद्ध प्राइमरी बालक एवं बालिका तथा व्यवसायिक अनुदेशकों को ग्राण्ट उपलब्ध होने के बावजूद लगभग तीन माह का वेतन भुगतान न होने की जाच एवं कार्यवाही तथा तत्काल वेतन भुगतान आदि मांगे प्रमुख है। 
 धरने को प्रमुख रूप से प्रदेशीय मंत्री एवं जिला संरक्षक डा0 आर0पी0 मिश्र, जिलाध्यक्ष अनुराग मिश्र, जिलामंत्री डा0 आर0के0 त्रिवेदी, प्रदेशीय मंत्री नरेन्द्र कुमार वर्मा, मण्डल अध्यक्ष तुलसी राम मिश्र, राज्य कार्यकारिणी सदस्य सुधा मिश्रा, अमीर अहमद, वीरेन्द्र राय, डी0पी0 श्रीवास्तव, चन्द्र प्रकाश शुक्ल, चन्द्र प्रकाश शुक्ल, इनायतुल्लाह खां, इन्द्र प्रकाश श्रीवास्तव, अनिल शर्मा, सुमन लता, पी0के0 पन्त, मीता श्रीवास्तव, डा0 दिव्या श्रीवास्तव, वेन्कटेश बहादुर सरोज, अब्दुल बासित खां, डा0 मनोज मिश्र, रजनेश शुक्ल, ओ0पी0 श्रीवास्तव, बी0के0 त्रिपाठी, अनिल वर्मा, मनोरमा इन्दु, सविता जौहरी, नीलम यादव, राम केवल मिश्र, गुलाम साबिर खां, गिरजेश कुमार मिश्र, आलोक पाठक आदि ने सम्बोधित किया।

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