पुलिस प्रशासन के लिए कमाई का जरिया बना अवैध बूचड़खानों पर पाबंदी
बाराबंकी- प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद अवैध तरीके से चल रहे बूचड़खानों को प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सख्ती से बंद कराने का आदेश जारी किया इसके बाद पुलिस प्रशासन ने उन्हें बंद करा दिया और बूचड़खानों में सरकारी ताला जड़ कर वाहवाही लूट ली ! जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने इतनी शक्ति की अगर शादी में खाना बना तो थाने के सिपाही जाकर उसकी जांच कराने जता था कि आखिर किस चीज का मांस बना है जिसके बाद अवैध तरीके से चला रहे बूचड़खाने के संचालक संगठित होकर सरकार से बूचड़खानों को पुनः चालू कराने की लड़ाई लड़नी शुरू कर दी ! पर सरकार ने बूचड़खानों पर जी ओ लागू कर दिया जिसमें विक्रेता के फिटनेस सहित दुकान का पूरा लेखा-जोखा मौजूद था जो कि कसाइयों के लिए असंभव था जिसके बाद कसाइयों ने एक संगठित गिरोह बनाकर थाने की सांठगांठ से पैसे के बल पर अपने-अपने घरों में जबीहा करने लगे यह अलग बात है कि उस समय के थाना अध्यक्ष कसाइयों से जो भी रकम ले रहे हो पर कासाइयो को ज्यादा नहीं लग रहे थे हाल ही में आए नवनिर्वाचित थाना अध्यक्ष शमशेर बहादुर सिंह अपनी मांग को डबल कर दिया जिससे कसाइयों ने ₹140 प्रति किलो गोश्त के रेट बढ़ाकर ₹180 कर दीया और कहने लगे थाने पर पैसा ज्यादा पड़ रहा है इसलिए हम महंगा ही देंगे ऐसे में योगी सरकार का फरमान और पुलिस की कार्यवाही पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं !जैदपुर कस्बे के मोहल्ला मुख्खिन छेदा कटरा छोटा इमामबाड़ा बड़ी बाजार आदि इलाकों में अवैध दुकानों का सिलसिला बदस्तूर जारी है और कस्बे से लेकर पूरे जिले में सप्लाई की जा रही पुलिस तमाशा ही बनी है और पूरे जनपद में अवैध मांस की सप्लाई जोरो से जारी है जिस पर पुलिस प्रशासन जरा सा भी ध्यान नहीं दे रहा

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