MY NATION NEWS गोरखपुर स्थित चिड़ियाघर में कानपुर चिड़ियाघर से एक जोड़ी रायल बंगाल टाइगर लाया जाएगा-सुधीर वर्मा (ब्यूरो प्रमुख) उत्तर प्रदेश
गोरखपुर-मुख्यमंत्री योगी के गृह जनपद की तश्वीर धीरे-धीरे बदलती जा रही है। सीएम का गृह जनपद होने की वजह से अधिकारियों द्वारा काम में भी तेजी साफ़ दिखाई दे रही है। एक के बाद एक योजनाए शहर में आई हैं, जिनका तेजी से काम किया जा रहा है। इन्ही में से एक व पुराण प्रोजेक्ट गोरखपुर शहर में चिड़ियाघर का भी है। चिड़ियाघर को लेकर भी तेजी से कार्यों को संचालित किया जा रहा है। शहर स्थित इस चिड़ियाघर में शेर लाने की मंजूरी तो फिलहाल नहीं मिली, लेकिन देशभर में बंगाल टाइगरों की संख्या में लगातार गिरावट आने के बावजूद गोरखपुर में बन रहे चिड़ियाघर में इसे लाने की तैयारी शुरु कर दी गई है।
आपको बता दें कि गोरखपुर स्थित चिड़ियाघर में कानपुर चिड़ियाघर से एक जोड़ी रायल बंगाल टाइगर लाया जाएगा। इसके यहां आने से एक ओर जहां चिड़ियाघर की शोभा में जहां चार चांद लगेगा वहीं इसकी दहाड़ एक किलोमीटर दूर तक सुनाई देगी। ज्ञात हो कि रायल बंगाल टाइगर जब दहाड़ता है तो उसकी दहाड़ एक किलोमीटर तक सुनाई देती है। चिड़ियाघर में जब एक जोड़ी बंगाल टाइगर दहाड़ेंगे तो उस क्षेत्र के आसपास के लोग उसकी दहाड़ आराम से सुन सकेंगे। बंगाल टाइगर की औसत आयू 11 साल की होती है। बंगाल रॉयल टाइगर की संख्या पूरे देश में 329 मात्र ही है। यह एक दिन में पांच किलो मांस खाते हैं। यह भी बता दें कि पुरे विश्व में रायल बंगाल टाइगर सर्वाधिक आकर्षक और लोकप्रिय है। हालांकि गोरखपुर चिड़ियाघर में गिर में पाया जाने वाला एसियाटिक बब्बर शेर लाने की अनुमति नहीं मिली है। अनुमति न मिलने से जिला प्रशासन ने दोबारा से शेर के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन के पास भेजा है। फिलहाल चिड़ियाघर में आने वाले 200 जानवरों में शेर शामिल नहीं है।

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