लखनऊ-जहाँ एक तरफ यूपी की राजधानी लखनऊ के बर्लिंगटन चौराहे के पास कैंट रोड
पर स्थित ऍफ़.आई. हॉस्पिटल प्रबंधन पर CMO को झूंठा शपथपत्र देकर धोखाधड़ी
से मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से अस्पताल के पंजीकरण का नवीनीकरण करा
लेने का आरोप लग रहा है तो वहीं दूसरी तरफ लखनऊ के कैसरबाग और वजीरगंज
थाने के थानाध्यक्ष के साथ-साथ कैसरबाग के क्षेत्राधिकारी और और एसपी शहर
पश्चिमी पर भ्रष्टाचार में लिप्त होकर हॉस्पिटल प्रबंधन से मिलीभगत करके
हॉस्पिटल के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करने जैसा गंभीर आरोप लग रहा है l FI
प्रबंधन और लखनऊ पुलिस पर यह गंभीर आरोप लखनऊ की तेजतर्रार एक्टिविस्ट
उर्वशी शर्मा ने लगाए हैं l
- FI प्रबंधन ने बिना अग्निशमन मानक पूरे किये ही झूंठ बोलकर CMO से ले
लिया था NOC -
उर्वशी ने बताया कि उनकी हेल्पलाइन पर हॉस्पिटल के खिलाफ शिकायत मिलने पर
उन्होंने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर CMO लखनऊ और अग्निशमन विभाग
में 2 शिकायतें दीं थीं l उर्वशी बताती हैं कि लखनऊ के मुख्य अग्निशमन
अधिकारी ने दिनांक 28 फरवरी 18 की जांच रिपोर्ट के माध्यम से उन्हें
बताया कि ऍफ़ आई हॉस्पिटल की बिल्डिंग में अग्निशमन विभाग के मानक पूरे
नहीं थे और लखनऊ के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने अपनी रिपोर्ट दिनांक 26
मार्च 18 के माध्यम से समाजसेविका उर्वशी को बताया कि ऍफ़ आई हॉस्पिटल के
प्रबंधन ने पंजीकरण नवीनीकरण के समय मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लिखकर
दिया था कि उनके अस्पताल की बिल्डिंग में अग्निशमन मानक पूरे थे l
उर्वशी कहती हैं कि इस प्रकार इन दोनों रिपोर्टों से यह साफ हो गया था कि
ऍफ़ आई हॉस्पिटल के प्रबंधन द्वारा झूंठे और फर्जी प्रपत्रों के आधार पर
सरकार के साथ धोखाधड़ी और बेईमानी करके इस अस्पताल का पंजीकरण नवीनीकरण
मुख्य चिकित्साधिकारी के कार्यालय में जालसाजी और फर्जीबाड़े से कराया
लिया गया गया था l
- FIR लिखने की जगह लखनऊ पुलिस ने सीमा विवाद में उलझाया मामला -
जब उर्वशी ने इस मामले में FI प्रबंधन के खिलाफ FIR लिखाने की तहरीर थाना
कैसरबाग को दी तो थानाध्यक्ष ने मामला थाना वजीरगंज का बताते हुए
कार्यवाही नहीं की और जब थाना वजीरगंज में तहरीर दी तो थानाध्यक्ष ने
मामला थाना कैसरबाग का बताते हुए कार्यवाही करने से मना कर दिया l
- CO, SP ने भी दिया बेतुका जबाब -
स्वभाव से जुझारू उर्वशी नहीं रुकीं और जब उन्होंने उच्चाधिकारियों से
लिखकर पूंछा कि आखिर इस मामले में कार्यवाही कौन सा थाना करेगा तो
क्षेत्राधिकारी कैसरबाग और पुलिस अधीक्षक नगर पश्चिमी ने यह तो बताया कि
मामला थाना कैसरबाग का ही है लेकिन लखनऊ के मुख्य अग्निशमन अधिकारी की
दिनांक 28 फरवरी 18 की जांच रिपोर्ट और लखनऊ के अपर मुख्य
चिकित्साधिकारी की रिपोर्ट दिनांक 26 मार्च 18 को जानबूझकर अनदेखा कर
दिया है और इन साक्ष्यों का विधिक संज्ञान लेने के स्थान पर मामले को
टालने के लिए उर्वशी को पत्र लिखकर बताया है कि FI प्रबंधन द्वारा मानकों
के उल्लंघन करने के साक्ष्य देने पर विधिक कार्यवाही की जायेगी l
- CO, SP ने अपने पत्र में ही लिख रखा है पंजीकरण के समय मानक पूरे नहीं
होने का साक्ष्य -
उर्वशी कहती हैं कि सीओ और एसपी ने अपने पत्रों में साफ-साफ लिखा है कि
अस्पताल प्रबंधन ने बीते 13 मार्च को जिलाधिकारी लखनऊ से अग्निशमन मानक
पूरे करने के लिए 3 माह का समय माँगा है जो इस बात का पुख्ता साक्ष्य है
कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा CMO लखनऊ से पंजीकरण नवीनीकरण करने के समय
अग्निशमन मानक पूरे नहीं थे और अस्पताल प्रबंधन ने झूंठा शपथपत्र देकर
धोखाधड़ी से पंजीकरण नवीनीकरण करा लिया था लेकिन संज्ञेय अपराध अभिलेखों
पर ही सिद्ध होने पर भी FIR नहीं लिखी हैं l इस आधार पर उर्वशी ने लखनऊ
के कैसरबाग और वजीरगंज थाने के थानाध्यक्ष के साथ-साथ कैसरबाग के
क्षेत्राधिकारी और और एसपी शहर पश्चिमी पर भ्रष्टाचार में लिप्त होकर
हॉस्पिटल प्रबंधन के आपराधिक कृत्यों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है
और मामले की शिकायत लखनऊ के आईजी पुलिस से करने की बात कही है l
अग्निशमन मानकों को पूरा किये बिना चलने वाले अस्पतालों को मरीजों की जान
के लिए बड़ा खतरा बताते हुए उर्वशी ने इस मामले में जनहित याचिका डालकर
पूरे प्रदेश के सभी डिफाल्टर अस्पतालों और नर्सिंग होम्स को सील करने की
मांग उठाने की बात भी कही है l
पर स्थित ऍफ़.आई. हॉस्पिटल प्रबंधन पर CMO को झूंठा शपथपत्र देकर धोखाधड़ी
से मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से अस्पताल के पंजीकरण का नवीनीकरण करा
लेने का आरोप लग रहा है तो वहीं दूसरी तरफ लखनऊ के कैसरबाग और वजीरगंज
थाने के थानाध्यक्ष के साथ-साथ कैसरबाग के क्षेत्राधिकारी और और एसपी शहर
पश्चिमी पर भ्रष्टाचार में लिप्त होकर हॉस्पिटल प्रबंधन से मिलीभगत करके
हॉस्पिटल के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करने जैसा गंभीर आरोप लग रहा है l FI
प्रबंधन और लखनऊ पुलिस पर यह गंभीर आरोप लखनऊ की तेजतर्रार एक्टिविस्ट
उर्वशी शर्मा ने लगाए हैं l
- FI प्रबंधन ने बिना अग्निशमन मानक पूरे किये ही झूंठ बोलकर CMO से ले
लिया था NOC -
उर्वशी ने बताया कि उनकी हेल्पलाइन पर हॉस्पिटल के खिलाफ शिकायत मिलने पर
उन्होंने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर CMO लखनऊ और अग्निशमन विभाग
में 2 शिकायतें दीं थीं l उर्वशी बताती हैं कि लखनऊ के मुख्य अग्निशमन
अधिकारी ने दिनांक 28 फरवरी 18 की जांच रिपोर्ट के माध्यम से उन्हें
बताया कि ऍफ़ आई हॉस्पिटल की बिल्डिंग में अग्निशमन विभाग के मानक पूरे
नहीं थे और लखनऊ के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने अपनी रिपोर्ट दिनांक 26
मार्च 18 के माध्यम से समाजसेविका उर्वशी को बताया कि ऍफ़ आई हॉस्पिटल के
प्रबंधन ने पंजीकरण नवीनीकरण के समय मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लिखकर
दिया था कि उनके अस्पताल की बिल्डिंग में अग्निशमन मानक पूरे थे l
उर्वशी कहती हैं कि इस प्रकार इन दोनों रिपोर्टों से यह साफ हो गया था कि
ऍफ़ आई हॉस्पिटल के प्रबंधन द्वारा झूंठे और फर्जी प्रपत्रों के आधार पर
सरकार के साथ धोखाधड़ी और बेईमानी करके इस अस्पताल का पंजीकरण नवीनीकरण
मुख्य चिकित्साधिकारी के कार्यालय में जालसाजी और फर्जीबाड़े से कराया
लिया गया गया था l
- FIR लिखने की जगह लखनऊ पुलिस ने सीमा विवाद में उलझाया मामला -
जब उर्वशी ने इस मामले में FI प्रबंधन के खिलाफ FIR लिखाने की तहरीर थाना
कैसरबाग को दी तो थानाध्यक्ष ने मामला थाना वजीरगंज का बताते हुए
कार्यवाही नहीं की और जब थाना वजीरगंज में तहरीर दी तो थानाध्यक्ष ने
मामला थाना कैसरबाग का बताते हुए कार्यवाही करने से मना कर दिया l
- CO, SP ने भी दिया बेतुका जबाब -
स्वभाव से जुझारू उर्वशी नहीं रुकीं और जब उन्होंने उच्चाधिकारियों से
लिखकर पूंछा कि आखिर इस मामले में कार्यवाही कौन सा थाना करेगा तो
क्षेत्राधिकारी कैसरबाग और पुलिस अधीक्षक नगर पश्चिमी ने यह तो बताया कि
मामला थाना कैसरबाग का ही है लेकिन लखनऊ के मुख्य अग्निशमन अधिकारी की
दिनांक 28 फरवरी 18 की जांच रिपोर्ट और लखनऊ के अपर मुख्य
चिकित्साधिकारी की रिपोर्ट दिनांक 26 मार्च 18 को जानबूझकर अनदेखा कर
दिया है और इन साक्ष्यों का विधिक संज्ञान लेने के स्थान पर मामले को
टालने के लिए उर्वशी को पत्र लिखकर बताया है कि FI प्रबंधन द्वारा मानकों
के उल्लंघन करने के साक्ष्य देने पर विधिक कार्यवाही की जायेगी l
- CO, SP ने अपने पत्र में ही लिख रखा है पंजीकरण के समय मानक पूरे नहीं
होने का साक्ष्य -
उर्वशी कहती हैं कि सीओ और एसपी ने अपने पत्रों में साफ-साफ लिखा है कि
अस्पताल प्रबंधन ने बीते 13 मार्च को जिलाधिकारी लखनऊ से अग्निशमन मानक
पूरे करने के लिए 3 माह का समय माँगा है जो इस बात का पुख्ता साक्ष्य है
कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा CMO लखनऊ से पंजीकरण नवीनीकरण करने के समय
अग्निशमन मानक पूरे नहीं थे और अस्पताल प्रबंधन ने झूंठा शपथपत्र देकर
धोखाधड़ी से पंजीकरण नवीनीकरण करा लिया था लेकिन संज्ञेय अपराध अभिलेखों
पर ही सिद्ध होने पर भी FIR नहीं लिखी हैं l इस आधार पर उर्वशी ने लखनऊ
के कैसरबाग और वजीरगंज थाने के थानाध्यक्ष के साथ-साथ कैसरबाग के
क्षेत्राधिकारी और और एसपी शहर पश्चिमी पर भ्रष्टाचार में लिप्त होकर
हॉस्पिटल प्रबंधन के आपराधिक कृत्यों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है
और मामले की शिकायत लखनऊ के आईजी पुलिस से करने की बात कही है l
अग्निशमन मानकों को पूरा किये बिना चलने वाले अस्पतालों को मरीजों की जान
के लिए बड़ा खतरा बताते हुए उर्वशी ने इस मामले में जनहित याचिका डालकर
पूरे प्रदेश के सभी डिफाल्टर अस्पतालों और नर्सिंग होम्स को सील करने की
मांग उठाने की बात भी कही है l


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