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MY NATION NEWS कैलाश मानसरोवर यात्रियों को यात्रा अनुदान वितरण हेतु डिजिटल धनराशि स्थानांतरण प्रणाली का शुभारंभ एवं सम्मान समारोह- एस के वर्मा ब्यूरो प्रमुख (उत्तर प्रदेश )

 
लखनऊ आज दिनांक 30 मार्च 2017 मैं उत्तर प्रदेश के मूल निवासी के रूप में कैलाश मानसरोवर यात्रा पूर्ण करने वाले  श्रद्धालुओं को माननीय मुख्यमंत्री आदित्य योगीनाथ जी द्वारा दिनांक 31 जून 2018 को अपने आवास 5 कालिदास मार्ग पर डिजिटल धनराशि स्थानांतरण व्यवस्था का  शुभारंभ करते हुए सम्मान पत्र तथा एक लाख की अनुदान राशि बैंक खाते में स्थानांतरित करने संबंधी डिजिटल व्यवस्था का शुभारंभ किया जाएगा यह  सूचना देते हुए। 
 कैलाश मानसरोवर सेवा समिति उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष के के सिंह ने बताया कि इस अवसर पर भारत सरकार के माध्यम से अथवा निजी व्यवस्था से यात्रा करने वाले प्रदेश के 568 कैलाश मानसरोवर यात्रियों को एक लाख का यात्रा अनुदान एवं सम्मान पत्र देकर मुख्यमंत्री जी द्वारा सम्मानित किया जाएगा। 
 इस अवसर पर कैलाश मानसरोवर समिति उत्तर प्रदेश के चेयरमैन उदय कौशिक अध्यक्ष के के सिंह महामंत्री आर एस भदौरिया उपाध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष MP पाठक के साथ अन्य सदस्यगण उपस्थित रहेंगे। 
समिति के अध्यक्ष के के सिंह ने बताया की कैलाश मानसरोवर धाम देवों के देव महादेव मां पार्वती एवं विघ्नहर्ता श्री गणेश का पावन पवित्र निवास स्थान है। कैलाश मानसरोवर दिव्य अलौकिकता से भरपूर स्थान है कैलाश मानसरोवर की यात्रा भोलेनाथ की कृपा के बिना किसी भी मानव के लिए पूर्ण करना तो दूर विचार तक नहीं कर सकता ,धर्म ग्रंथों में कहा गया है कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने वाले की सात पीढ़ियां तर जाती है।  
 समिति के महामंत्री आर एस भदोरिया ने बताया की कैलाश मानसरोवर की यात्रा 3तीन तरह से होती है पहला भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा लिपुलेख के रास्ते यह  यात्रा लगभग 24 दिन में पूरी होती है जो कि दिल्ली से उत्तराखंड की धारचूला तक बस द्वारा की जाती है इसमें 18 बैचों में से प्रत्येक बैच में साठ यात्री होते हैं यात्रियों का चयन कंप्यूटराइज्ड नोटरी द्वारा होता है दिल्ली से धारचूला होकर लिपुलेख दर्रा तक उत्तराखंड के कुमायूं मंडल विकास निगम द्वारा जगह-जगह खाने पीने की व्यवस्था की जाती है 18 से 70 वर्ष के यात्री को चिकित्सीय परीक्षण में सफल होने के बाद की यात्रा की अनुमति प्रदान की जाती है यात्रा मार्ग के मध्य में गुंजी में पुनः दूसरी बार स्वास्थ्य परीक्षण होता है प्रत्येक बेंच के साथ भारत सरकार का एक प्रतिनिधि लाइजन ऑफिसर सेटेलाइट फोन के साथ यात्रा करते  है इस यात्रा में प्रति यात्री लगभग 1,60000 का खर्च आता है इसमें लगभग 200 किलोमीटर की यात्रा पैदल अथवा घोड़े से करनी पड़ती है कैलाश पर्वत की लगभग 54 किलोमीटर की परिक्रमा पैदल अथवा घोड़े से जबकि मानसरोवर जो की अट्ठासी वर्ग किलोमीटर में  फैला है जिसकी परिक्रमा बस से होती है। 
कैलाश मानसरोवर क्षेत्र में तापमान शून्य से नीचे तथा ऑक्सीजन की अत्यधिक कमी रहती है दूसरा मार्ग नाथुला के रास्ते होकर जाता है इसे भारत सरकार के द्वारा 2 वर्ष पूर्व ही खोला गया है इस रास्ते में पैदल बहुत ही कम चलना पड़ता है भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा कुल 10 बेचों में से प्रत्येक बेंच में 50 यात्री निर्धारित किए गए हैं यात्रा 21 दिन की होती है जबकि 3 दिन दिल्ली में गहन चिकित्सीय परीक्षण पासपोर्ट वीजा आज की औपचारिकता के लिए रुकना पड़ता है इस यात्रा में लगभग दो लाख का खर्च आता है लॉटरी के माध्यम से चयन होने पर तत्काल 5000 की अप्रतिदेय धनराशि यात्रा की पुष्टि हेतु भेजना आवश्यक है शेष भुगतान दिल्ली एवं चीन क्षेत्र में पहुंचने पर करना होता है। 
 कैलाश मानसरोवर के तीसरे रास्ते के बारे में समिति के उपाध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल ने बताया की यह यात्रा प्राइवेट टूर ऑपरेटर द्वारा कराई जाती है यात्रा नेपाल के रास्ते काठमांडू से प्रारंभ होती है टूर ऑपरेटर सड़क मार्ग एवं हवाई मार्ग से यात्रा करते हैं इस यात्रा का भारत सरकार से कोई संबंध नहीं होता है यात्री अपनी स्वेच्छा से यात्रा करते हैं इसमें यात्री की सारी व्यवस्था यात्री एवं टूर ऑपरेटर करते हैं एवं समस्त जोखिम स्वयं यात्री का होता है इसमें आयोग सीमा का कोई प्रतिबंध नहीं है चिकित्सीय परीक्षण की बाध्यता भी नहीं है इसका खर्च  लगभग 150000 से 200000 तक होता है इस यात्रा में 12 से 16 दिन का समय लगता है। 
 इस अवसर पर मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गाजियाबाद में कैलाश भवन के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों द्वारा यात्रा पूर्ण करने पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ₹100000 का अनुदान भी दिया जाता है केंद्र सरकार द्वारा कोई सहयोग या अनुदान राशि नहीं दी जाती है दिल्ली ,गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र राज्य भी अपने निवासियों को अनुदान प्रदान करते है। 
 कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने के इच्छुक यात्री कैलाश मानसरोवर सेवा समिति के पदाधिकारियों से संपर्क कर यात्रा से संबंधित जानकारी कर सकते हैं

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