स्कूल की छत के नीचे छाता लगाकर पढ़ाने को मजबूर है शिक्षिकाओं
लोकसभा चुनाव हो या फिर विधानसभा चुनाव में शिक्षा को मुद्दे के तौर पर इस्तमाल किया जाता है चुनाव से पहले सरकारें एक दूसरे के ऊपर सरकारी स्कूलों की दयनीय स्थिति के लिए आरोप प्रत्यारोप करते हैं केंद्र सरकार जहां सर्व शिक्षा अभियान की बात करती है तो वही माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी की गई गाइड लाइन में भी सरकारी स्कूलों में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से अपने बच्चों के एडमिशन की बात के लिए कहां गया था जब सरकारी स्कूलों में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के बच्चे पड़ेंगे तो वहां की बद से बदतर हालत में सुधार होगा लेकिन शायद सरकारी पन्नों में जिन नियमों को लिखा जाता है वह सिर्फ लिखे जाते हैं उन पर कभी गौर नहीं किया जाता है जिसका जीता जागता उदाहरण प्राथमिक विद्यालय रोटी गोदा 27/10 बिरहाना रोड के सरकारी विद्यालय में देखने को मिला जहां अध्यापिकाएं स्कूल के अंदर छाता लगाकर बैठकर बच्चों को पढ़ाती दिखी जब बरसात में यह हालत है स्कूल की की छत से पानी टपक रहा है ऐसे में बच्चे कहां से पढ़ने को आएंगे एक तो सरकारी स्कूलों में बच्चे पढ़ने को नहीं जाते हैं उसके बाद स्कूल की हालत राम भरोसे दिखती है लगता है जिला प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है केंद्र और प्रदेश में बैठी सरकारें शिक्षा के लिए बातें तो बड़ी-बड़ी करती है लेकिन हकीकत की जमीन पर आईना कुछ और बताता है जबकि कल उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मोर्य जिला योजना समिति की बैठक ले रहे थे पत्रकारों ने प्राथमिक विद्यालय रोटी गोदाम स्कूल की दयनीय हालत के बारे में जब उनसे पूछा तो जिलाधिकारी से उन्होंने स्कूल के बारे में कहा कि विद्यालय की स्थिति को सुधारा जाए बात वहीं पर आकर रूक जाती है सरकारी व्यवस्थाएं किस तरह से चल रही है इसको किसी को बताने की जरुरत नहीं है वह गरीब परिवार इसीलिए सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को नहीं भेजते हैं कि कहीं कोई हादसा ना हो जाए सरकारी स्कूलों का भगवान ही मालिक है इसीलिए प्राइवेट स्कूलों की चांदी है गरीब परिवार मजबूर है अपने बच्चे के भविष्य के लिए कहते हैं मजबूरी का नाम महात्मा गांधी मजबूरी है परिवारों की स्थिति खराब है गरीब है लेकिन क्या करें बच्चों को डर के मारे सरकारी स्कूल नहीं भेजते हैं कि कहीं स्कूलों की छत में गिर जाए अब देखने की बात है कि आगे भविष्य में जाने क्या होगा रामा रे। और दुर्भाग्य देखिए इस शहर का की उत्तर प्रदेश सरकार में शहर के दो मंत्री केबिनेट में है सतीश महाना और सत्यदेव पचोरी कानपुर के सांसद है वह भी भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी हैं। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा का प्रचार का नारा था अच्छे दिन आने वाले हैं लेकिन
यह नहीं बताया था कि यह अच्छे दिन कब आएंगे।

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