एफआई अस्पताल में दो दिन पहले बंधक बनाए गए मरीज मनोज की ट्रामा में मौत, बिना ईलाज किये लूटता रहा अस्पताल और मरीज को मौत के मुहाने पर अस्पताल से भेज दिया ट्रॉमा, महज रकम ऐंठता रहा एफआई अस्पताल और मरीज को मिली मौत। मनोज की मौत का कौन जिम्मेदार। प्राइवेट अस्पतालों में जोरो से रोजाना इसी तरह दलालों के खेल के चलते हो रही मौते। 10 वीं पास स्टाफ नर्स और 12वीं पास टेक्नीशियन करेंगे ईलाज तो मरीज रहेगा ही रामभरोसे।
पेश हैं माई नेशन टीम की ख़ास रिपोर्ट अशोक सिंह विद्रोही /कर्मवीर त्रिपाठी/ सुधीर वर्मा की कलम से उत्तर प्रदेश - यह लोकतंत्र है साहब यहाॅ मुर्दे जिन्दा हैं।ये डिजिटल इंडिया के जिंदा मुर्दे अपने जैसे मुर्दो से ही नहीं अपितु देश के गृह मन्त्री प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से भी समय - समय पर मिलते रहे हैं ।यह तथ्यहीन नहीं कह रहा हूं प्रमाण हैं। इस लोकतंत्र में आप और हम कब तक जीवित रहेगें? इसका लेखा-जोखा यमराज व महाकाल के इतर सरकार के राजस्व विभाग के पास ही है। राजस्व विभाग की असीम कृपा से देश भर में हजारों की संख्या में जीवित मुर्दे हो गये हैं। कहने का मतलब है कि इस लोकतंत्र में जीवित मुर्दो की तादात में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गयी है ।जिसके चलते इसी विभाग की कृपा से वर्षो पूर्व एक संगठन "मृतक संघ " खड़ा हुआ है। इसी मृतक संघ के अध्यक्ष मृतक लाल बिहारी हैं। मृतक ...
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