श्रमजीवी पत्र कारयुनियन केबैनरतले पुलिस अधीक्षककार्यालय पर हुआ_प्रदर्शन
हरदोई 27 अप्रैल। पत्रकार हितों की सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार व पुलिस महानिदेशक के द्वारा भले ही बड़े बड़ वादे किये जाते हों लेकिन पत्रकारों व उनके परिवारों के अधिकारों की सुरक्षा के मामले मे पुलिस व जिला प्रशासन पत्रकारों का सथा कभी नही देता है इसकी एक झलक आज पुलिस अधीक्षक के कार्यालय मे उस समय देखने को मिली जब कोतवाली बिलग्राम के मजरा पसनेर निवासी पत्रकार संजीव द्विवेदी गैर जनपदों से मदद को आये पत्रकारों के साथ अपनी पुत्री से छेड़छाड़ के आरोपियों पर कार्यवाही की मांग लेकर कार्यालय पंहुचे जंहा पर पुलिस अधीक्षक की गैरमौजूदगी मे अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी बी0सी0 दूबे ने पत्रकार संजीव द्विवेदी की बात सुनने के स्थान पर उल्टे उन पर ही मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दे डाली। बतातें चलें कि पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाने के लिये उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन व वन काल सॉल्युशन संगठन की ओर से पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष राजेश कश्यप व वन कॉल सॉल्युशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनोद झा के नेतृत्व मे गैर जनपदों से आयें दर्जनों पत्रकार धरना प्रदर्शन कर संजीव को न्याय दिलाने के लिए आरोपियों पर पास्को एक्ट के तहत कार्यवाही करने की मांग कर रहें थे। पत्रकारों द्वारा प्रदर्शन किये जाने की सूचना जब अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी को मिली तो उन्होनंें पत्रकारों को बात करने के लिये अपने केबिन मे बुलाया और कहा कि यह प्रदर्शन करने की जगी नही है और अगर यंहा कोई प्रदर्शन किया तो मुकदमा लिखाकर जेल भेज दूंगा। अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा पत्रकार संजीव को न्याय दिलाने के स्थान पर मिली धमकी से पत्रकार आन्दोलित हो गये और वह एक बार फिर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने लगे। मामला बिगड़ता देख अपर पुलिस अधीक्षक ने पत्रकारों के गुस्से को शांत करने के लिये जांच क्राइम ब्रांच को सौंपकर 15 दिनों मे कार्यवाही करने की बात कही है। पीड़ित पत्रकार संजीव द्विवेदी ने बताया कि घटना बीतें सन् 2014 की है जब उसकी पुत्री पूजा (काल्पनिक नाम) गाँव के ही रामचन्द्र रामरानी इण्टर कालेज में पढ़ती थी जिसे स्कूल में पढ़ाने बाले अध्यापक सतेन्द्र त्रिवेदी ने 2014 मे धोखे से स्कूल के कार्यालय में बुलाकर अशील हरकतें की थी। और जब छात्रा ने शोरगुल मचाया तो स्कूल के दूसरे अध्यापक देवेन्द्र, सैलेन्द्र ने सतेन्द्र का बचाव करते हुये पूजा (काल्पनिक नाम) पर अपने साथ घटी घटना को घर पर नही बताने का दबाब डाला था। बकौल संजीव स्कूल से नाम काटकर भगा देने व परिवार समेत खत्म कर देने की धमकी के बाद डरी सहमीं पूजा (काल्पनिक नाम) जब घर पहुंचीं तो उसने घर बालों कों पूरी सच्चाई बता दी। संजीव ने आगे बताया कि उसने सारी घटना की लिखित रूप से शिकायत की लेकिन पुलिस ने पहले तो मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया और अन्य पत्रकारों के द्वारा पुलिस का विरोध करने पर पुलिस ने दबाव में 23 जुलाई 2014 को दिये गये प्रार्थनापत्र पर कार्यवाही करते हुये 22 जुलाई 2014 को मुकदमा दर्ज कर लिया था लेकिन 22 अगस्त को पुलिस ने एकपक्षीय बयान दर्द कर मामले को एफआर लगाकर मामले को बंद कर दिया जिससे आरोपीयों के हौसले बुलंद हो गये। बकौल सुजीव पुलिस से न्याय ना मिलने के बाद उसने कोर्ट की शरण लेते हुये पुनः विवेचना कराने की अपील की थी जिस पर कोर्ट ने पुनः दोबारा विवेचना करने के आदेश दिये है और पुलिस विवेचना मे पुलिस के द्वारा आरोपीयों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
बोलेश्रमजीवीपत्रकारयूनियनकेजिलाध्यक्षववनकालसॉल्युशनकेराष्ट्रीयउपाध्यक्ष
प्रदर्शन के बाद श्रमीजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष राजेश कश्यप व वन कॉल सॉल्युशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनोद झा ने कहा कि पत्रकार संजीव द्धिवेदी के मामले में अपर पुलिस अधीक्षक ने 15 दिनों मे जांच कराकर कार्यवाही करने की बात कही है इसलिये वह पुलिस की जांच पूरी होने तक इंतजार करेगें और अगर उसे बाद भी अगर संजीव को न्याय नही मिलता है तो एक विशाल धारणा प्रदर्शन किया जाएगा जिसमे देश प्रदेश के पत्रकार भाग लेंगे। इस दौरान संजीव द्विवेदी ने कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिलता है तो वह परिवार के साथ आमरण अनशन पर बैठने को विवश हो जायेंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
प्रदर्शनकेदौरानयहरहे_मौजूद
प्रदर्शन के दौरान वन कल सलूशन के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल द्विवेदी, राष्ट्रीय महासचिव सोनू जायसवाल, रुकसार, राशिद, फूल सिंह, रोहित शुक्ला, पंकज, धर्मेंद्र सिंह, विनोद वर्मा, अंकित, शशांक चतुर्वेदी, अशोक पांडे नोएडा, अग्निवेश गुप्ता, संजय सिंह, राहुल शुक्ला व विवेक त्रिवेदी सहित श्रमजीवी पत्रकार यूनियन व वन कॉल सॉल्युशन से जुड़े दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।

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